नीम करौली बाबा का परिवार: फिल्म ‘हनुमान अंश’ के बाद नीम करौली बाबा एक बार फिर चर्चा में हैं। बाबा के भक्त केवल भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में मौजूद हैं। आज भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड स्थित कैंची धाम पहुंचकर बाबा का आशीर्वाद लेते हैं। भक्तों के बीच ऐसी मान्यता है कि कैंची धाम आने वाले लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
नीम करौली बाबा के आध्यात्मिक जीवन के बारे में काफी कुछ लिखा और बताया गया है, लेकिन उनका पारिवारिक जीवन भी काफी रोचक रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बाबा का वास्तविक नाम पंडित लक्ष्मीनारायण शर्मा बताया जाता है। कम उम्र में उनका विवाह रामबेटी देवी (रामबेटी शर्मा) से हुआ था। दोनों के दो बेटे और एक बेटी हुई।
आइए जानते हैं नीम करौली बाबा के बच्चों और परिवार से जुड़ी कुछ खास बातें।
नीम करौली बाबा का परिवार: कौन हैं उनके दो बेटे और एक बेटी?
नीम करौली बाबा और रामबेटी देवी ने पारिवारिक जीवन में अपने तीन बच्चों का पालन-पोषण किया। बाद में बाबा का झुकाव धीरे-धीरे आध्यात्मिक जीवन की ओर बढ़ता गया।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उनके बड़े बेटे का नाम अनीक सिंह शर्मा, छोटे बेटे का नाम धर्म नारायण शर्मा और बेटी का नाम गिरिजा देवी था। बाद में गिरिजा देवी को गिरिजा भटेले के नाम से भी जाना गया। हालिया रिपोर्टों में बताया गया है कि गिरिजा भटेले आगरा में रहती हैं।
कहा जाता है कि नीम करौली बाबा ने सांसारिक मोह-माया से दूरी बनाकर अपना जीवन आध्यात्मिक साधना, भक्ति, ध्यान और भगवान हनुमान की सेवा को समर्पित कर दिया था।
नीम करौली बाबा का परिवार:नीम करौली बाबा के बड़े बेटे अनीक सिंह शर्मा
रिपोर्टों के अनुसार, बाबा के बड़े बेटे अनीक सिंह शर्मा अपने परिवार के साथ भोपाल में रहते थे। बताया जाता है कि नवंबर 2021 में उनका निधन हो गया।
अनीक सिंह शर्मा के एक बेटा और एक बेटी थी। उनके बेटे धनंजय शर्मा डॉक्टर थे और रिपोर्टों के मुताबिक सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद भोपाल में रहते थे।
कैंची धाम से जुड़ी बाबा की विरासत
उत्तराखंड के नैनीताल के पास स्थित कैंची धाम नीम करौली बाबा से जुड़ा सबसे प्रसिद्ध आध्यात्मिक स्थल है। यहां हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं।
कैंची धाम के साथ-साथ बाबा की जन्मस्थली को लेकर सामने आया पारिवारिक संपत्ति विवाद भी हाल के समय में चर्चा में रहा है। उनकी जन्मस्थली उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के पास अकबरपुर गांव में बताई जाती है।
नीम करौली बाबा से जुड़ी ताजा चर्चाएं
अमेरिका के आश्रम का वायरल वीडियो
हाल ही में सोशल मीडिया पर अमेरिका के ताओस, न्यू मैक्सिको स्थित नीम करौली बाबा के आश्रम का एक वीडियो चर्चा में रहा। बताया जाता है कि इस आश्रम में वर्ष 1979 में भगवान हनुमान की एक मूल प्रतिमा स्थापित की गई थी।
जन्मस्थली की संपत्ति को लेकर विवाद
नीम करौली बाबा की पोतियों द्वारा उनकी पैतृक संपत्ति को लेकर चिंता जताए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। आरोप है कि फिरोजाबाद के पास अकबरपुर गांव में स्थित उनके पैतृक घर पर एक ट्रस्ट ने कब्जा कर लिया है। वहीं, राज्य सरकार द्वारा क्षेत्र में आध्यात्मिक कॉरिडोर विकसित करने की योजना की भी चर्चा है।
मीडिया और सिनेमा से बढ़ी लोकप्रियता
नीम करौली बाबा की लोकप्रियता भारत तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ समय में फिल्मों, सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया कवरेज के कारण बाबा और कैंची धाम को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है।
दुनिया की कई प्रसिद्ध हस्तियों, जिनमें स्टीव जॉब्स और मार्क जुकरबर्ग जैसे नाम शामिल हैं, के कैंची धाम से जुड़ाव की चर्चाओं ने भी इस स्थान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। क्रिकेट जगत की कुछ प्रमुख हस्तियों के यहां पहुंचने की खबरों ने भी इसकी लोकप्रियता बढ़ाई है।
नीम करौली बाबा से जुड़े प्रमुख मंदिर और आश्रम
- कैंची धाम, उत्तराखंड
नैनीताल के पास स्थित कैंची धाम नीम करौली बाबा का सबसे प्रसिद्ध आश्रम और तीर्थस्थल है। इसकी स्थापना वर्ष 1964 में हुई थी। आज यह देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र बना हुआ है।

- वृंदावन आश्रम, उत्तर प्रदेश
वृंदावन स्थित आश्रम में नीम करौली बाबा का महासमाधि मंदिर है। माना जाता है कि वर्ष 1973 में बाबा ने यहीं महासमाधि ली थी।
- नीब करौरी धाम, फर्रुखाबाद
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद क्षेत्र में स्थित नीब करौरी धाम भी बाबा के जीवन और साधना से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। यहां उनकी तपस्या और गुफा से जुड़ी मान्यताएं प्रचलित हैं।
निष्कर्ष
नीम करौली बाबा का जीवन आध्यात्मिकता, भक्ति और सेवा के लिए जाना जाता है। जहां उनके भक्त उनकी शिक्षाओं और हनुमान भक्ति से प्रेरणा लेते हैं, वहीं उनका पारिवारिक जीवन भी लोगों की जिज्ञासा का विषय रहा है।
उनके दो बेटे और एक बेटी रहे, लेकिन बाबा ने बाद के जीवन में आध्यात्मिक मार्ग को अपना लिया। आज कैंची धाम समेत उनसे जुड़े कई आश्रम और मंदिर उनकी आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।